CTET Paper II (Upper Primary: Class 6-8)

हिंदी व्याकरण - वाक्य विश्लेषण अलंकार छंद रस question bank (Language II (Hindi))

Practice 36 free CTET Paper II (Upper Primary: Class 6-8) Language II (Hindi) - हिंदी व्याकरण - वाक्य विश्लेषण अलंकार छंद रस questions with answers and step-by-step solutions.

Q1.
आज शिक्षा के क्षेत्र में भी बाजारीकरण हो जाने के कारण शिक्षा महँगी और गरीबों की पहुँच से बाहर हो चुकी है। एक ओर तो रुचि और उपयोगिता के अनुसार उपयुक्त शिक्षा पाने के लिए गरीबों के पास धन उपलब्ध नहीं है, तो वहीं जो संपन्न हैं इनके पास समय का अभाव है। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था एक बेहतर विकल्प के तौर पर उभरी है। पिछले वर्ष देश के गरीब और स्कूल न जा सकने वाले बच्चों के लिए सरकार की ओर से प्रभावी कदम उठाते हुए ई-शिक्षा व्यवस्था की शुरुआत करते हुए 'स्वयं डाँट जीयोजी डाँट इन' वेब पोर्टल की शुरुआत की गई है। इससे बच्चे ऑनलाइन शिक्षा पा सकेंगे और उन्हें किसी भी तरह का शुल्क नहीं देना होगा। इस पोर्टल की विशेषता यह है कि इससे छात्र मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग सहित तमाम पाठ्यक्रमों की पढ़ाई घर बैठे कर सकेंगे। इससे छात्रों को घर बैठे ही सर्टिफिकेट और डिग्री भी हासिल होंगे, जो किसी भी विश्वविद्यालय में मान्य होंगे।

ऑनलाइन एजुकेशन के प्रति लोगों का बढ़ता उत्साह देखकर कहा जा सकता है कि भारत में इसका भविष्य उज्ज्वल है। यही कारण है कि अब अधिकतर शिक्षण संस्थान इस व्यवस्था को अपना रहे हैं। पढ़ाई का बढ़ता खर्च और किसी भी प्रोफेशनल कोर्स की डिग्री प्राप्त करने के लिए कॉलेजों का चुनाव, प्रवेश परीक्षा और फिर एक साथ मोटी फीस चुकाना युवाओं की बढ़ती संख्या के लिए काफी मुश्किल साबित हो रहा है। भारत में केवल बारह प्रतिशत छात्रों को विश्वविद्यालय में प्रवेश मिलता है। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा देने वाली कंपनियों के लिए भारत एक बहुत बड़ा बाजार बन गया है। आज एक-दूसरे को समझने-जानने की जिज्ञासा भी लोगों में बढ़ी हुई देखी जाती है। ऐसे में किसी देश की भाषा सीखना आवश्यक हो जाता है क्योंकि भाषा सीखने से उस देश की संस्कृति तथा अन्य बातें समझी जा सकती हैं। इसीलिए भारत के प्रति भी रुचि बढ़ी है और हिंदी सीखने-सिखाने की माँग भी बढ़ी है। यह भारत के लिए, विशेषकर हिंदी भाषा के लिए शुभ संकेत है।

गद्यांश में प्रयुक्त निम्नलिखित वाक्य को चार भागों में बाँटा गया है जिसमें से किसी एक भाग में अशुद्धि है। अशुद्ध भाग को पहचानकर चिह्नित कीजिए।

आज एक दूसरे को समझने-जानने की जिज्ञासा भी (i) / लोगों में बढ़ी हुई देखी जाती है (iii) / (ii) / (iv)

CTET Paper II - Jul 2019, Q125 (Official PYQ)

(A)
(i)
(B)
(ii)
(C)
(iii)
(D)
(iv)
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Q2.
आज शिक्षा के क्षेत्र में भी बाजारीकरण हो जाने के कारण शिक्षा महँगी और गरीबों की पहुँच से बाहर हो चुकी है। एक ओर तो रुचि और उपयोगिता के अनुसार उपयुक्त शिक्षा पाने के लिए गरीबों के पास धन उपलब्ध नहीं है, तो वहीं जो संपन्न हैं इनके पास समय का अभाव है। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था एक बेहतर विकल्प के तौर पर उभरी है। पिछले वर्ष देश के गरीब और स्कूल न जा सकने वाले बच्चों के लिए सरकार की ओर से प्रभावी कदम उठाते हुए ई-शिक्षा व्यवस्था की शुरुआत करते हुए 'स्वयं डाँट जीयोजी डाँट इन' वेब पोर्टल की शुरुआत की गई है। इससे बच्चे ऑनलाइन शिक्षा पा सकेंगे और उन्हें किसी भी तरह का शुल्क नहीं देना होगा। इस पोर्टल की विशेषता यह है कि इससे छात्र मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग सहित तमाम पाठ्यक्रमों की पढ़ाई घर बैठे कर सकेंगे। इससे छात्रों को घर बैठे ही सर्टिफिकेट और डिग्री भी हासिल होंगे, जो किसी भी विश्वविद्यालय में मान्य होंगे।

ऑनलाइन एजुकेशन के प्रति लोगों का बढ़ता उत्साह देखकर कहा जा सकता है कि भारत में इसका भविष्य उज्ज्वल है। यही कारण है कि अब अधिकतर शिक्षण संस्थान इस व्यवस्था को अपना रहे हैं। पढ़ाई का बढ़ता खर्च और किसी भी प्रोफेशनल कोर्स की डिग्री प्राप्त करने के लिए कॉलेजों का चुनाव, प्रवेश परीक्षा और फिर एक साथ मोटी फीस चुकाना युवाओं की बढ़ती संख्या के लिए काफी मुश्किल साबित हो रहा है। भारत में केवल बारह प्रतिशत छात्रों को विश्वविद्यालय में प्रवेश मिलता है। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा देने वाली कंपनियों के लिए भारत एक बहुत बड़ा बाजार बन गया है। आज एक-दूसरे को समझने-जानने की जिज्ञासा भी लोगों में बढ़ी हुई देखी जाती है। ऐसे में किसी देश की भाषा सीखना आवश्यक हो जाता है क्योंकि भाषा सीखने से उस देश की संस्कृति तथा अन्य बातें समझी जा सकती हैं। इसीलिए भारत के प्रति भी रुचि बढ़ी है और हिंदी सीखने-सिखाने की माँग भी बढ़ी है। यह भारत के लिए, विशेषकर हिंदी भाषा के लिए शुभ संकेत है।

'उपयोगिता' शब्द में उपसर्ग और प्रत्यय क्रमशः हैं

CTET Paper II - Jul 2019, Q127 (Official PYQ)

(A)
ता, उप
(B)
उप, इता
(C)
उ, गिता
(D)
उप, ता
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